सरकारी नौकरी से बर्खास्त होना किसी कर्मचारी और उसके परिवार के लिए बड़ा झटका हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने इसी गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा है कि सरकारी कर्मचारी के लिए सेवा से बर्खास्तगी की सजा मौत की सजा से कम नहीं है। अदालत ने तमिलनाडु की पेरियार यूनिवर्सिटी के उप-पंजीयक आर. सरवणन को बड़ी राहत देते हुए उनकी सेवा बहाल करने का आदेश बरकरार रखा। उन पर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने का आरोप था, लेकिन अदालत के मुताबिक, उन्हें दोषी ठहराने के लिए जरूरी सबूत मौजूद नहीं थे।
सुप्रीम कोर्ट ने क्यों पलटा हाईकोर्ट का फैसला?: बहाल की अधिकारी की सेवा, कहा- बर्खास्त करना मौत की सजा जैसा

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