कई लोग अच्छी नौकरी, मोटी कमाई और सुरक्षित जिंदगी पाने का सपना देखते हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो अपने आराम से ज्यादा दूसरों की परेशानियों को महत्व देते हैं। अभिजीत दिपके की एक सोशल मीडिया पोस्ट में आशु और सौरव की ऐसी ही कहानी का जिक्र किया गया है। पोस्ट के मुताबिक, दोनों ने अपने सफल करियर और आर्थिक सुरक्षा को पीछे छोड़कर देश को बेहतर बनाने की उम्मीद में संघर्ष का रास्ता चुना। दिपके ने उनके फैसले को दूसरों के लिए खड़े होने की मिसाल बताया है।
'लंदन में लाखों की नौकरी छोड़ी': दिपके बोले- आशु और सौरव ने लोगों के लिए चुना संघर्ष, बताया दोनों क्यों खास?

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