सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी अश्लील सामग्री को रोकने में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की नाकामी पर सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने निर्देश दिया है कि ऐसी सामग्री को पेवॉल या पेड सब्सक्रिप्शन के जरिए भी उपलब्ध नहीं कराया जा सकता। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माने की व्यवस्था पर विचार करने और प्रतिबंधित सामग्री से होने वाली कमाई जब्त करने को लेकर भी निर्देश दिए हैं।
बच्चों के अश्लील कंटेंट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: कमाई जब्त करने के निर्देश, प्लेटफॉर्म पर कैसे कसेगा शिकंजा?

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