ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ साउथ अफ्रीका 329 रन पर ऑलआउट: मार्करम और अकरमैन ने 158 रन की ओपनिंग साझेदारी की; स्टार्क ने 6 विकेट लिए

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ साउथ अफ्रीका 329 रन पर ऑलआउट: मार्करम और अकरमैन ने 158 रन की ओपनिंग साझेदारी की; स्टार्क ने 6 विकेट लिए

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट के पहले दिन साउथ अफ्रीका 329 रन पर ऑलआउट हो गई। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।शुरुआत में यह फैसला उलटा पड़ता दिखा, क्योंकि साउथ अफ्रीका के ओपनर्स ऐडन मार्करम और मार्केस अकरमैन ने पहले विकेट के लिए 158 रन जोड़ दिए। लेकिन इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने वापसी की।मिचेल स्टार्क ने केपटाउन में 72 रन देकर 6 विकेट लिए। ऑफ स्पिनर नाथन लायन ने भी 2 विकेट हासिल किए।कमिंस ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी क्यों नहीं चुनी? टॉस जीतने वाला कप्तान पिच और मौसम को देखकर तय करता है कि पहले बल्लेबाजी करनी है या गेंदबाजी। कमिंस को पिच पर नमी दिखाई दी, इसलिए उन्हें उम्मीद थी कि तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में गेंद को हवा में घुमाने और बल्लेबाजों को परेशान करने में मदद मिलेगी। इसी वजह से उन्होंने साउथ अफ्रीका को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया।कमिंस का फैसला इसलिए भी चर्चा में था, क्योंकि न्यूलैंड्स में 2019 के बाद पहली बार किसी कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी थी। उस समय साउथ अफ्रीका के कप्तान फाफ डु प्लेसिस ने पाकिस्तान के खिलाफ यही फैसला लिया था और टीम ने जीत हासिल की थी।मार्करम और अकरमैन ने पहले सेशन में बनाए 140 रनसाउथ अफ्रीका की शुरुआत ऐडन मार्करम और मार्केस अकरमैन ने की। अकरमैन अपना दूसरा टेस्ट खेल रहे थे। शुरुआत में वह मार्करम के मुकाबले संभलकर बल्लेबाजी कर रहे थे, जबकि मार्करम ने कट और ड्राइव जैसे शॉट खेलकर रन बनाए। मार्करम ने कमिंस की छोटी गेंद को पुल करके छक्के के लिए भेजा।दूसरी ओर, अकरमैन ने ड्रिंक्स ब्रेक के बाद स्टार्क की गेंद पर कट लगाया। गेंद बैकवर्ड पॉइंट के पास से निकलते हुए छक्के के लिए चली गई। इस शॉट के बाद अकरमैन का आत्मविश्वास बढ़ा। अगले ओवर में उन्होंने लायन की गेंद पर छक्का लगाया और बार-बार क्रीज से आगे निकलकर स्पिन खेलने लगे।लायन को अकरमैन के आक्रामक रुख के कारण अपना पहला गेंदबाजी स्पेल सिर्फ चार ओवर में रोकना पड़ा। दोनों बल्लेबाजों ने 42 टेस्ट पारियों के बाद टीम को पहली बार ओपनिंग विकेट के लिए शतकीय साझेदारी दिलाई।अकरमैन ने स्टार्क को 4 चौके लगाए अकरमैन ने स्टार्क की गेंदों पर लगातार चार चौके लगाए और कमिंस को भी छक्का जड़ा। मार्करम को भी एक जीवनदान मिला, जब मिचेल स्टार्क की गेंद पर ट्रैविस हेड उनका आसान कैच नहीं पकड़ सके। लंच तक साउथ अफ्रीका ने बिना विकेट गंवाए 140 रन बना लिए थे। रन बनाने की गति 5. 18 रन प्रति ओवर थी, जो टेस्ट क्रिकेट के लिहाज से काफी तेज है।अकरमैन 82 और मार्करम 56 रन बनाकर नाबाद थे। अकरमैन ने पहले सेशन में किसी दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज के सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। इससे पहले बैरी रिचर्ड्स ने फरवरी 1970 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले सेशन में 94 रन बनाए थे।अकरमैन शतक से चूके, लायन ने स्टंपिंग कराईलंच के बाद भी अकरमैन ने तेजी से रन बनाना जारी रखा। वह 93 गेंदों पर 95 रन तक पहुंच गए थे और बीच में कुछ देर ऐंठन से भी परेशान रहे। अपने पहले टेस्ट शतक के करीब पहुंचने के लिए उन्होंने लायन की गेंद पर आगे निकलकर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद को भांप नहीं सके।लायन ने गेंद को बल्लेबाज की पहुंच से दूर रखा। अकरमैन का बल्ला गेंद तक नहीं पहुंचा और विकेटकीपर एलेक्स कैरी ने उन्हें स्टंप कर दिया।मार्करम और बावुमा के विकेट से बदला मैचमार्करम 78 रन पर थे, जब जोश हेजलवुड की शॉर्ट गेंद पर पुल शॉट खेलने गए। डीप स्क्वायर लेग के पास खड़े फील्डरों के बीच गेंद गई और स्टार्क ने डाइव लगाकर शानदार कैच पकड़ लिया।इसके चार गेंद बाद दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा भी आउट हो गए। लायन की गेंद ज्यादा नहीं घूमी, लेकिन दिशा बदलकर ऑफ स्टंप पर जा लगी। बावुमा बिना खाता खोले लौटे।ऑस्ट्रेलिया ने इसके बाद कूपर कॉनॉली को गेंदबाजी दी। वह बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर हैं। मैथ्यू ब्रीट्जके ने आगे बढ़कर गेंद खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद पैड पर लगी।अंपायर ने शुरुआत में उन्हें आउट नहीं दिया, मगर ऑस्ट्रेलिया की अपील और रिव्यू के बाद फैसला बदल गया। इस तरह कॉनॉली को अपना पहला टेस्ट विकेट मिला। दक्षिण अफ्रीका का स्कोर बिना विकेट गंवाए 158 रन से गिरकर 216 रन पर 4 विकेट हो गया।पिच का मिजाज बदला, बल्लेबाजों के लिए मुश्किल बढ़ीदिन आगे बढ़ने के साथ पिच पर कभी-कभार गेंद नीचे रहने लगी या सतह से पकड़ बनाने लगी। इससे बल्लेबाजों के लिए गेंद की उछाल और दिशा का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया।डेविड बेडिंगहम ने एक छोर संभाला। उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ आत्मविश्वास से शॉट लगाए और अर्धशतक पूरा किया। लेकिन 50 रन पर वह भी शॉर्ट गेंद खेलने के प्रयास में आउट हो गए।इसके बाद वियान मुल्डर भी ज्यादा देर नहीं टिक सके। वह बिना रन बनाए आउट हो गए। दो गेंदों के भीतर बेडिंगहम और मुल्डर के विकेट गिरने से दक्षिण अफ्रीका की स्थिति फिर कमजोर हो गई। टीम 232 रन पर 6 विकेट गंवा चुकी थी।रिकेल्टन और यानसन ने 95 रन जोड़कर पारी संभालीसाउथ अफ्रीका के लिए रयान रिकेल्टन और मार्को यानसन ने मुश्किल हालात में पारी को संभाला। दोनों ने पुरानी गेंद के खिलाफ धैर्य दिखाया और स्कोर को आगे बढ़ाया। यानसन ने कमिंस की गेंद को पुल करके चौका लगाया और हेजलवुड के खिलाफ लगातार दो मिलते-जुलते कट शॉट खेले।रिकेल्टन ने दूसरे छोर पर टिककर बल्लेबाजी की, जबकि यानसन ने मौके मिलने पर तेजी से रन बनाए। यानसन ने अर्धशतक पूरा किया। यह उनके टेस्ट करियर में पहली बार था, जब उन्होंने लगातार दो टेस्ट पारियों में 50 या उससे ज्यादा रन बनाए। इससे पहले उन्होंने गकेबेरहा में 85 रन की पारी खेली थी।दोनों ने सातवें विकेट के लिए 95 रन जोड़े। इस साझेदारी से दक्षिण अफ्रीका ने फिर वापसी की और ऑस्ट्रेलिया को लगा कि मेजबान टीम 350 से ज्यादा का स्कोर खड़ा कर सकती है।दूसरी नई गेंद से स्टार्क ने चार विकेट झटकेऑस्ट्रेलिया ने दूसरी नई गेंद ली तो स्टार्क ने मैच का रुख फिर बदल दिया। स्टार्क ने इस बार शॉर्ट गेंद के बजाय फुल लेंथ गेंदों का इस्तेमाल किया।स्टार्क ने पहले रिकेल्टन और फिर यानसन को आउट किया। उनकी गेंदें देर से दिशा बदल रही थीं, जिससे दोनों बल्लेबाजों को शॉट खेलने में परेशानी हुई। इसके बाद गेराल्ड कोएत्जी और कगिसो रबाडा भी स्टार्क की गेंदों का सामना नहीं कर सके। कोएत्जी लगभग दो साल बाद अपना पहला टेस्ट खेल रहे थे।

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