सस्ते गैजेट और फास्ट टेक बने संकट!: मार्च 2026 तक देश में 14.14 लाख मीट्रिक टन ई-कचरा, पुनर्चक्रण में यूपी आगे

सस्ते गैजेट और फास्ट टेक बने संकट!:                                   मार्च 2026 तक देश में 14.14 लाख मीट्रिक टन ई-कचरा, पुनर्चक्रण में यूपी आगे

नई तकनीक और सस्ते इलेक्ट्रॉनिक सामान ने जिंदगी आसान बनाई है, लेकिन उपकरणों को जल्दी बदलने की आदत पर्यावरण के लिए नई चुनौती बन रही है। पुराने मोबाइल, लैपटॉप, बैटरी और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से निकलने वाला कचरा लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान मार्च तक 14, 14, 645 मीट्रिक टन ई-कचरा दर्ज किया गया। इसे सुरक्षित तरीके से इकट्ठा करना और पुनर्चक्रित करना अब बड़ी जरूरत बन गया है।

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