पंजाब विधानसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और भाजपा के बीच छह साल पहले टूटी दोस्ती बहाल होनी करीब-करीब तय है। हालांकि पार्टी नेतृत्व को चुनाव पूर्व गठबंधन के कारण राज्य में उसकी ओर से छेड़े गए नशे के खिलाफ अभियान को धक्का लगने की आशंका है। दरअसल शिअद की अगुवाई वाली 2007 से 2017 तक की सरकार के दौरान ही राज्य में ड्रग माफिया के पैर पसारने के आरोप लगे थे।
पंजाब की सियासत: भाजपा-शिअद साथ, पर नशे के खिलाफ अभियान की चिंता

सुझाई गई
स्पोर्ट्स
वर्ल्ड कप 2026 फाइनल खेलने वाली टीमों की होगी भिड़ंत: भारत-न्यूजीलैंड के बीच पहला टी-20 आज; ईशान 7 रन बनाते ही सूर्या का रिकॉर्ड तोड़ेंगे
सामान्य
सेहत से जुड़ी बात: असंतुलित खानपान और जींस के मेल से बढ़ रहा है कोलेस्ट्रॉल का खतरा, बचाव के उपाय क्या?
सामान्य
