गुजरात जायंट्स ने WPL ऑक्शन में 16 साल की समायरा राघव को 10 लाख रुपए में खरीदा है। दिल्ली की इस युवा ऑलराउंडर ने 7 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था। पहले वह एथलेटिक्स में थीं, लेकिन क्रिकेट में ज्यादा रुचि होने के बाद इसी को करियर बनाने का फैसला किया।समायरा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में अपने क्रिकेट सफर, परिवार के सपोर्ट, WPL में खेलने की तैयारी और भविष्य के लक्ष्य पर बात की। उन्होंने कहा कि अगले 2-3 साल में वह भारतीय टीम की जर्सी पहनना चाहती हैं।सवाल: आपने 7 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था। क्रिकेट से जुड़ने की कहानी क्या है? समायरा: बचपन से ही मेरी खेलों में रुचि थी। मैं स्पोर्ट्स में कुछ करना चाहती थी और पहले एथलेटिक्स से जुड़ी हुई थी। एक दिन मुझे क्रिकेट अकादमी भेजा गया, जहां फील्डिंग का सेशन चल रहा था। मुझे इसमें काफी मजा आया। इसके बाद मैंने अपनी मर्जी से अकादमी जाना शुरू कर दिया। इस तरह क्रिकेट का सफर शुरू हुआ।सवाल: शुरुआत में आप एथलेटिक्स में थीं और स्प्रिंटर भी थीं। फिर क्रिकेट को करियर बनाने का फैसला कैसे किया? समायरा: उस समय मुझे लगता था कि मैं एक साथ कई चीजें कर सकती हूं। मैं काफी छोटी थी और अलग-अलग खेलों में हाथ आजमाना चाहती थी। मैंने स्केटिंग भी की, लेकिन सभी खेलों को आजमाने के बाद मुझे क्रिकेट सबसे ज्यादा पसंद आया। इसलिए मैंने इसी में आगे बढ़ने का फैसला किया।सवाल: क्रिकेट खेलने में परिवार में सबसे ज्यादा किसने आपका साथ दिया? समायरा: मेरे पिता ने हमेशा मेरा साथ दिया है। मां ने भी बहुत सपोर्ट किया। कई ऐसी बातें थीं, जो मैं पिता से साझा नहीं कर पाती थी, लेकिन मां से खुलकर बात करती थी। हालांकि, मेरी छोटी बहन ने मुझे सबसे ज्यादा सपोर्ट किया। जब मेरा प्रदर्शन अच्छा नहीं होता था, तब भी उसे मुझ पर सबसे ज्यादा भरोसा रहता था।सवाल: WPL ऑक्शन में गुजरात जायंट्स ने आपको 10 लाख रुपये में खरीदा। यह खबर मिलने पर आपका पहला रिएक्शन क्या था? समायरा: मैं अपनी रूममेट के साथ होटल में ऑक्शन देख रही थी। मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि मेरा नाम आएगा। जब मेरा नाम आया और गुजरात जायंट्स ने बोली लगाई, तो हम दोनों खुशी से चिल्लाने लगे। इसके बाद मेरे कोच का फोन आया। वे भी यह खबर सुनकर भावुक हो गए थे।सवाल: गुजरात जायंट्स के कोच माइकल क्लिंगर ने आपकी फिनिशिंग स्किल्स की तारीफ की थी। क्या आप उनसे मिली हैं? समायरा: हां, मुझे गुजरात जायंट्स के कैंप में दो दिन के लिए बेंगलुरु बुलाया गया था। वहां मेरी उनसे मुलाकात हुई। मुझे लगता है कि मेरी बल्लेबाजी से मैं उन्हें प्रभावित कर पाई। बातचीत के दौरान भी मुझे लगा कि वे मेरे खेल से खुश हैं।सवाल: गुजरात जायंट्स में कई बड़े खिलाड़ी हैं। आप किसके साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने के लिए सबसे ज्यादा उत्साहित हैं? समायरा: मैं एश्ले गार्डनर के साथ खेलने के लिए काफी उत्साहित हूं। मैं उन्हें अपना आइडल मानती हूं। बेथ मूनी भी शानदार टी-20 बल्लेबाज हैं। मैं सभी खिलाड़ियों से मिलने और उनके साथ खेलने को लेकर उत्साहित हूं।सवाल: विमेंस दिल्ली प्रीमियर लीग में दिल्ली स्ट्राइकर्स के साथ आपका अनुभव कैसा रहा? समायरा: यह बहुत अच्छा अनुभव था। हमारी टीम चैंपियन बनी। टीम के खिलाड़ियों के बीच तालमेल और मैदान पर सभी का प्रयास शानदार था।सवाल: अगले 2-3 साल में आप खुद को किस मुकाम पर देखना चाहती हैं? समायरा: अगले 2-3 साल में क्या होगा, यह मेरे प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। हालांकि, मैं खुद को भारतीय टीम की जर्सी में देखना चाहती हूं। देश के लिए खेलना हमेशा से मेरा सपना रहा है।
7 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया: अब WPL में खेलेंगी; समायरा बोलीं- भारतीय टीम की जर्सी पहनना सपना
सुझाई गई
सामान्य
Supreme Court Warns: जेल में कैदियों के लिए बदलेगा मैनुअल, जातिगत भेदभाव रोकने के लिए राज्यों को लास्ट चांस
सामान्य
हवारा की जेल बदलने पर आईबी का अलर्ट: पंजाब चुनाव पर असर की आशंका; सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ? पूरी वजह जानें
स्पोर्ट्स
