असम के श्रीभूमि जिले में दुर्गा पूजा की प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान बिहू नृत्य दल के कलाकारों पर कथित हमले के मामले में पुलिस ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने रविवार (25 अक्टूबर, 2026) को बताया कि घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी है. साथ ही, मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
श्रीभूमि सदर थाने के प्रभारी अधिकारी तरंगा पटोवारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार (23 अक्टूबर) की शाम उस समय हुई, जब हिंदुस्तान क्लब की ओर से दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए एक विशाल जुलूस निकाला गया था. क्लब ने जुलूस में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए बिहू नृत्य दल को आमंत्रित किया था. हालांकि, आरोप है कि क्लब के कुछ सदस्यों और स्थानीय युवकों ने कलाकारों के साथ मारपीट की.
हमले के बाद पीड़ित कलाकारों ने दर्ज कराई प्राथमिकी
पुलिस अधिकारी ने कहा कि कथित हमले में बिहू दल के 7 कलाकार गंभीर रूप से घायल हो गए. चिकित्सकीय जांच में उनके शरीर पर कई बाहरी और आंतरिक चोटें पाई गईं. कुछ कलाकारों के दांत भी टूट गए हैं. बिहू दल में 4 महिला और 7 पुरुष कलाकार शामिल थे. सभी कलाकार पास के एक गांव के निवासी बताए गए हैं.
घटना के बाद पीड़ित कलाकारों ने श्रीभूमि सदर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया. पुलिस के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इनमें हत्या के प्रयास, आपराधिक धमकी, सांप्रदायिक अपशब्दों और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के इरादे से किए गए कृत्यों से संबंधित प्रावधान शामिल हैं. हालांकि, पुलिस ने संबंधित धाराओं का स्पष्ट विवरण देने से इनकार किया.
शनिवार को गिरफ्तार किए गए सभी 13 आरोपियों को उसी दिन अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई. पुलिस ने कहा कि डिजिटल साक्ष्यों की मदद से घटना में कथित रूप से शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है.
मामले को लेकर सोशल मीडिया पर विरोध
सोशल मीडिया पर घायल कलाकारों के वीडियो सामने आने के बाद यह घटना व्यापक चर्चा का विषय बन गई. इसके बाद विभिन्न संगठनों ने हमले की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. अखिल असम छात्र संघ (AASU) ने भी घटना की कड़ी निंदा की है.
संगठन के अध्यक्ष उत्पल शर्मा ने बिहू कलाकारों पर कथित हमले को लेकर गंभीर सवाल उठाए और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की. उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि असमिया सांस्कृतिक पहचान और गौरव के प्रतीक ढोल को कथित तौर पर नुकसान पहुंचाया गया.
AASUअध्यक्ष ने की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा देने की अपील उत्पल शर्मा ने कहा, ‘ घटना की जानकारी मिलते ही AASU ने प्रभावित बिहू दल से संपर्क किया था. बराक घाटी के जिलों में संगठन के सदस्य भी लगातार कलाकारों के संपर्क में हैं, ताकि घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाई जा सके.' AASU अध्यक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों को उदाहरणात्मक सजा देने की अपील की. उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया. शर्मा ने बताया कि संगठन सोमवार को श्रीभूमि के जिला आयुक्त को ज्ञापन सौंपेगा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करेगा. AASU के सलाहकार समुज्जल भट्टाचार्य ने भी घटना की निंदा की. X प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने श्रीभूमि जिला बिहू दल पर हुए कथित हमले को शर्मनाक बताया और पुलिस से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की. उन्होंने कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. CMहिमंत बिस्वा सरमा ने घटना पर जताई चिंता वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी घटना पर गहरी चिंता जताते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) हरमीत सिंह को आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. The news of an attack on a Bihu troupe in Sribhumi is deeply disturbing and unfortunate. Bihu is the soul of Assam, our pride and our identity. We will never tolerate any insult to our culture and heritage. I have directed the @DGPAssamPolice to ensure immediate action against those responsible. - Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) October 25, 2026 उन्होंने X प्लेटफॉर्म पर रविवार (25 अक्टूबर) को एक पोस्ट में कहा कि श्रीभूमि में बिहू दल पर हमले की खबर बेहद परेशान करने वाली और दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने बिहू को असम की आत्मा, गौरव और पहचान बताते हुए कहा कि राज्य की संस्कृति और विरासत का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सीएम के निर्देश को लेकर बोले असम केDGP मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रतिक्रिया देते हुए DGP हरमीत सिंह ने पुष्टि की कि श्रीभूमि सदर थाने में मामला दर्ज किया गया है और जांच के दौरान 13 लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है. उन्होंने कहा कि जांच जारी है और घटना में कथित रूप से शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. बराक घाटी के अन्य संगठनों ने भी उठाए कार्रवाई की मांग इसके अलावा, बराक घाटी के कई अन्य संगठनों ने भी इस कथित हमले की निंदा की है. कुछ संगठनों ने जुलूस के आयोजकों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है. उनका आरोप है कि कलाकारों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे. पुलिस ने यह भी बताया कि गिरफ्तार किए गए अधिकांश आरोपी कथित तौर पर शराब के नशे में थे. गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों की चिकित्सकीय जांच कराई गई थी. यह भी पढ़ेंः राहुल गांधी पर भड़के KTR, कहा- ‘ वादे नहीं किए पूरे, तेलंगाना को बना दिया ATM'

