राहुल गांधी के प्रधानमंत्री मोदी को लेकर विदेशी मदद से पीएम बनने और खुली बहस की चुनौती देने पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पलटवार किया. साथ ही उन्होंने इस बयान की तुलना इस्लामी कट्टरपंथी धर्मनिरपेक्षता से कर दी. इसके अलावा बहस के लिए अपना एक स्टैंडर्ड भी सेट करते हुए, लोकसभा नेता प्रतिपक्ष की समझदारी पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं.
रिजिजू ने एक्स पर राहुल गांधी के पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए कहा, 'यह बिल्कुल वैसा ही है, जैसे इस्लामी कट्टरपंथी धर्मनिरपेक्षता की बात करें. अलगावादी भारतीय झंडे थामे. या अराजकतावादी संविधान की किताब दिखाएं.'
It's same as islamic fundamentalists talking about secularism, separatists holding Indian flags & amp; anarchists showing Constitution book. Pushing agendas of India's enemies yet accusing others of foreign support is self-ridiculing Top level debates are done between matured people - Kiren Rijiju (@KirenRijiju) November 3, 2026
उन्होंने आगे कहा, 'भारत के दुश्मनों के एजेंडो को आगे बढ़ाना और साथ ही दूसरों पर विदेशी समर्थन का आरोप लगाना, खुद का ही मजाक उड़ाने जैसा है. हाई लेवल डिबेट समझदार और मैच्योर लोगों के बीच होती है.'
Mr Modi, stop lying to this nation. You became PM because of foreign help. You remain PM because of foreign help. Your financial system is fully controlled and supported by foreigners. Foreign social media fully backs you. I challenge you to an open debate about this. Any stage, any time. Come if you have the guts. You won't dare, because you are terrified of what I know about you. मोदी जी, इस देश से झूठ बोलना बंद कीजिए। आप विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने। और विदेशी मदद से ही प्रधानमंत्री बने हुए हैं। आपकी आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह विदेशियों के नियंत्रण में और समर्थन से है। विदेशी सोशल मीडिया पूरी तरह आपके साथ खड़ा है। मैं आपको इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती देता हूं। कोई भी मंच, किसी भी समय। हिम्मत है तो आइए। आप नहीं आएंगे, क्योंकि जो मैं आपके बारे में जानता हूं आप उससे डरते हैं। - Rahul Gandhi (@RahulGandhi) November 2, 2026
रिजिजू के इस बयान के जरिए राहुल गांधी की समझदारी और मैच्योरिटी पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
राहुल के किस बयान पर भड़की है बीजेपी?
इससे पहले राहुल गांधी ने 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस पर पीएम मोदी के भाषण पर प्रतिक्रिया दी थी. जिसके बाद बीजेपी भड़क गई थी. अमित शाह से लेकर कई नेताओं ने राहुल के इस बयान पर रिएक्शन दिया था. शाह ने तो यह तक कह दिया है कि राहुल गांधी को युवा मोर्चा के अध्यक्ष की हरा देंगे.
राहुल ने दी थी पीएम मोदी को बहस की खुली चुनौती
राहुल ने एक्स पोस्ट में कहा था कि मोदी जी, इस देश से झूठ बोलना बंद कीजिए. आप विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने. विदेशी मदद से ही प्रधानमंत्री बने हुए हैं. आपकी आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह विदेशियों के नियंत्रण में और समर्थन से है. विदेशी सोशल मीडिया पूरी तरह आपके साथ खड़ा है. मैं आपको इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती देता हूं. कोई भी मंच, किसी भी समय. हिम्मत है तो आइए. आप नहीं आएंगे, क्योंकि जो मैं आपके बारे में जानता हूं आप उससे डरते हैं.
पीएम मोदी ने कांग्रेस-विपक्ष को लिया था आड़े हाथों
पूरा विवाद पीएम मोदी के उस बयान के इर्द गिर्द है, जब उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि देश को बांटने की कोशिश की जा रही है. बाधा डालने वाली ताकतें, अफवाहें फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल हो रहा है. पीएम मोदी ने यह बयान स्टेचू ऑफ यूनिटी पर सरदार वल्लभ भाई की जयंती पर आयोजित समारोह में दिया था. उन्होंने कहा था कि सोशल मीडिया के जरिए भारत की छवि को खराब करने की कोशिश हो रही है. पीएम ने इस दौरान दिमागी नक्सलों के खिलाफ सचेत रहने की अपील भी की थी.

