केंद्र सरकार पंचायत राज से जुड़ी एक नई योजना के तहत लाभार्थियों की पहचान के लिए आधार के बजाय वोटर आईडी कार्ड (एपिक) को आधार बनाने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब लाभार्थियों की पहचान और उन्हें भुगतान करने के लिए आधार को प्राथमिक माध्यम नहीं माना जाएगा। इसके बजाय बायोमेट्रिक सत्यापन और वोटर आईडी नंबर के आधार पर पहचान की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने यह जानकारी गंगटोक में सिक्किम कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड में आयोजित एक कार्यक्रम से इतर मीडिया से बातचीत के दौरान दी।
पंचायत योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब आधार नहीं, वोटर आईडी होगी पहचान का आधार: मंत्री राजीव रंजन सिंह

सुझाई गई
सामान्य
ईरान: बेटी को आंखों के सामने गोली मारी गई, अब मां विदेश में रहकर लड़ रही है इंसाफ़ की जंग
फिल्में
Kaali Kheti Teaser Out: जैकी श्रॉफ की 'काली खेती' का डरावना टीजर रिलीज, खेतों में छिपा है खौफनाक राज
सामान्य
