जम्मू कश्मीर में पहाड़ों पर बर्फबारी होने के साथ ही पाकिस्तान के घुसपैठ के पारंपरिक रास्ते बंद हो चुके हैं. ऐसे में अब घुसपैठ का सारा फोकस अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर आ गया है, इसके बाद सुरक्षा बलों ने सीमा पर विंटर बॉर्डर मैनेजमेंट प्रोग्राम बना लिया है.
सर्दियां शुरू होते ही जम्मू कश्मीर के पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू हो गई है और इस बर्फबारी के बाद पाकिस्तान से भारत में लाइन ऑफ कंट्रोल से घुसपैठ करने के सभी रास्ते बर्फ से ढक गए हैं. घुसपैठ के यह पारंपरिक रास्ते बंद होने के बाद अब पाकिस्तान का जम्मू कश्मीर में घुसपैठ करने का सारा फोकस अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर आ गया है.
भारतीय सुरक्षा बल और सुरक्षा एजेंसीया भी पाकिस्तान के सर्दियों में अंतर्राष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ करने की नापाक साजिशों से परिचित है. ऐसे में पाकिस्तान की इन कोशिशो को करारा जवाब देने के लिए सुरक्षा एजेंसियों और सुरक्षा बलों ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर विंटर बॉर्डर मैनेजमेंट प्रोग्राम तैयार कर लिया है.
एबीपी न्यूज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सीमा पर विंटर बॉर्डर मैनेजमेंट प्रोग्राम को कई चरणों में लागू किया जाएगा. इस प्रोग्राम में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर ताना बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के साथ-साथ भारतीय सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बल शामिल होंगे.
इस प्लान के तहत सुरक्षा बलों ने न केवल पाकिस्तान की घुसपैठ वाली साज़िशों को नाकाम करने के लिए सीमा पर आधुनिक उपकरणों के साथ-साथ जवानों को सतर्क रहने को कहा है. सर्दियों में घुसपैठ के लिए सबसे फायदेमंद सीमा पर पड़ने वाली धुंध रहती है जिससे निपटने के लिए बीएसएफ ने सीमा पर गैजेट्स लगा दिए हैं और साथ ही जवानों को भी चौकन्ना रहने को क्या दिया है.
इसके साथ ही सीमा पर रक्षा की दूसरी पंक्ति के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस ने कमर कस ली है. जम्मू कश्मीर पुलिस ने सीमा से शहर की तरफ आने वाले सभी सड़कों पर नाका बंदी कर ली है और साथ ही औचक नाके के लगाकर आतंकवादी गतिविधियों पर नकेल कश्मीर की तैयारी कर ली है.
इसके साथ ही सुरक्षा बल अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ के सभी पारंपरिक रास्तों पर न केवल सतर्कता बढ़ा रही है बल्कि इसके साथ ही घुसपैठ से निपटने के लिए किसी भी स्थिति से निपटने के लिए इन पारंपरिक रास्तों पर मॉक ड्रिल की जा रही है.
ऐसी ही एक मॉक ड्रिल जम्मू के कठुआ जिले में उज्ज नदी के किनारे की गई जहां बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, जम्मू कश्मीर पुलिस और सेना ने मिलकर संभावित खतरों से निपटने के लिए अपनी तैयारी को धार दी.
सुरक्षा बलों का कहना है कि आने वाले दिनों में जम्मू से कठुआ तक घुसपैठ के करीब दर्जन भर पारंपरिक रास्तों पर इसी तरह की ड्रिल को अंजाम दिया जाएगा ताकि अगर कोई आतंकवादी घुसपैठ करके भारतीय सीमा में दाखिल होता है तो उसे इन रास्तों पर ही किस तरह खत्म किया जा सके यह तैयारी और प्लानिंग की जा सके.

