राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त होने की बढ़ाई देते हुए कहा है कि "केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के खतरे से मुक्त हुआ है और माओवादी हिंसा का दर्द पीछे छोड़कर अब तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है."
छत्तीसगढ़ के बस्तर में लालबाग मैदान में आयोजित बस्तर दशहरा महोत्सव-2026 के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महामहिम राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि आदिवासी युवा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे. राष्ट्रपति महोदया ने कहा कि ‘‘ छत्तीसगढ़ लंबे समय तक नक्सलवाद के खतरे से जूझता रहा है लेकिन केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ इस खतरे से मुक्त हुआ और तेजी से प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है.''
आदिवासियों ने भी दिया भगवान राम को सहयोग
अपने सम्बोधन में रामायण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ‘‘ केवल वानर सेना और ऋषि-मुनियों ने ही नहीं, बल्कि मेरा मानना है कि जंगलों में रहने वाले आदिवासी समुदायों ने भी रावण को हराने में योगदान दिया था.''
नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ प्रगति की राह पर
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि "नक्सली हिंसा का दर्द पीछे छोड़कर छत्तीसगढ़ तेजी से प्रगति कर रहा है." उन्होंने कहा कि ‘‘ आज छत्तीसगढ़ के सामने विकास के कई रास्ते खुल रहे हैं. इसके लिए मैं केंद्र और राज्य सरकार को बधाई देती हूं. मुझे बताया गया है कि आदिवासी उद्यमियों को वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराने और उन्हें बाजारों से जोड़ने के प्रयास तेज किए गए हैं.''
महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि इन प्रयासों से समान विकास के जरिए 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी. साथ ही राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ‘‘ आदिवासी युवा देश को विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा में सक्रिय रूप से भागीदारी निभाएंगे.''

