देश से मानसून की विदाई के बाद भी प्रमुख जलाशय पूरी तरह नहीं भर पाए हैं। देश के 178 प्रमुख जलाशयों में उनकी कुल उपयोगी भंडारण क्षमता का सिर्फ 68. 58 फीसदी पानी उपलब्ध है। यानी इन जलाशयों की करीब 31. 42 फीसदी क्षमता खाली है। दक्षिण भारत के कई जलाशयों में स्थिति ज्यादा चिंताजनक है। कावेरी और पेन्नार नदी बेसिन में सामान्य स्तर के मुकाबले पानी की भारी कमी दर्ज की गई है। जल भंडारण में यह गिरावट आने वाले महीनों में खेती, पीने के पानी और बिजली उत्पादन के लिए चुनौती बढ़ा सकती है।
मानसून विदा, फिर भी नहीं भरे जलाशय: दक्षिण भारत में पानी की कमी गंभीर; क्या आने वाले महीनों में बढ़ेगा संकट?

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