वैशालिक बताते हैं कि पहले वो किताब नहीं, बल्कि भारत और विदेशी मैग्जीन व अखबार बेचते थे. फिर बाद में उन्होंने सरकारी गजेटियर को बेचना शुरू किया था.
कनॉट प्लेस में है भारत की सबसे पुरानी किताबों की दुकान, 10 रुपये किराए पर ली, आज 50 करोड़ से ज्यादा कीमत

