जंगलों की कटाई, खेती और बस्तियों का विस्तार तथा प्राकृतिक पर्यावरण में बढ़ता मानवीय हस्तक्षेप अब केवल प्रकृति के लिए ही खतरा नहीं है। इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का भूगोल भी बदल रहा है और भविष्य में बड़े स्वास्थ्य संकटों की आशंका बढ़ रही है। इंसानों, वन्यजीवों और बीमारी फैलाने वाले जीवों के बीच बदलते संबंध इस खतरे को और जटिल बना रहे हैं। दुनिया के 169 देशों में 32 संक्रामक बीमारियों के 58, 318 प्रकोपों के विश्लेषण पर आधारित एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है।
इंसानी दखल: उजड़ते जंगलों से फैल रही हैं खतरनाक बीमारियां, महामारी का खतरा

