जलवायु परिवर्तन का असर अब केवल लू, बाढ़ और सांस संबंधी बीमारियों तक सीमित नहीं है। बढ़ता तापमान, बदलते बारिश के पैटर्न और पर्यावरणीय बदलाव त्वचा की सेहत के लिए भी चुनौती बन रहे हैं। एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के मुताबिक दुनिया के 42. 6 प्रतिशत देशों ने जलवायु परिवर्तन के कारण त्वचा रोगों के प्रसार या उनकी गंभीरता में बदलाव की सूचना दी है। इनमें सबसे अधिक चिंता कम आय वाले देशों में देखी गई है, जहां स्वास्थ्य सेवाओं और बीमारी की निगरानी के लिए संसाधनों की कमी समस्या को और गंभीर बना सकती है।
बदलता मौसम त्वचा के लिए चुनौती: संक्रमण और सूजन संबंधी बीमारियों पर बढ़ी चिंता, 42.6% देशों ने दर्ज किया असर

सुझाई गई
सामान्य
इंश्योरेंस सेक्टर में बड़े बदलाव की तैयारी! 5 साल में दोगुना होगा इंश्योरेंस कवर, 10 लाख नौकरियों पर IRDAI चेयरमैन का बड़ा बयान
सामान्य
विवादों में जम्मू-कश्मीर के सीनियर IAS, बैठक में महिला अधिकारी से बदसलूकी, कहा-'आई एम द बॉस'
सामान्य
