अल्बानिया की राजधानी तिराना में सुप्रीम कोर्ट को निशाना बनाकर शुरू हुआ हिंसक प्रदर्शन अब भारत में एक तीखे राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है। जैसे-जैसे ऐसी खबरें सामने आ रही हैं जिनसे पता चलता है कि यूरोप, दक्षिण अमेरिका और एशिया में एक सुनियोजित वैचारिक जाल फैला हुआ है, भारत के राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। इसमें विदेशी ताकतों के इशारे पर अराजकता फैलाने, सत्ता पलटने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने जैसे गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।
अल्बानिया हिंसा पर देश में सियासत: संजय राउत के बयान पर भाजपा ने पूछा- क्या अराजकता चाहता है विपक्षी गठबंधन?

