पीएम मोदी ने प्राचीन भारतीय राजनीतिज्ञ चाणक्य का जिक्र किया और उनके संस्कृत मंत्र 'अप्रणीतस्तु मात्स्यन्यायमुद्भावयति' का हवाला दिया. इसका अर्थ है कि 'जब दंड का कानून लागू नहीं होता, तो 'मात्स्य न्याय' पैदा होता है'.
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