केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जर्मनी के बर्लिन में भारतीय छात्रों और शोधकर्ताओं से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत अब जर्मन कंपनियों के लिए सिर्फ सामान बेचने का बाजार नहीं रह गया है। जर्मनी भारत को मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च और नई तकनीक विकसित करने के बड़े केंद्र के रूप में देख रहा है। जर्मनी की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की प्रतिभा मिलकर दोनों देशों के लिए नए अवसर पैदा कर सकती हैं।
'भारत को सिर्फ बाजार नहीं मानतीं जर्मन कंपनियां': गोयल बोले- रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग में साथ बढ़ने की तैयारी

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