दुनिया के 27 देशों में रह रहे भारतीय मूल के 402 छात्रों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और पूर्व छात्रों ने भारतीय लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर एक संयुक्त बयान जारी किया है। ‘स्पेयर इंडिया फ्रॉम एनार्की’ यानी ‘भारत को अराजकता से बचाइए’ शीर्षक वाले इस बयान में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अविश्वास पैदा करने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने के लिए सड़कों पर आंदोलनों के इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई गई है। बयान जारी करने वालों ने कहा कि असहमति लोकतंत्र का जरूरी हिस्सा है, लेकिन संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिशों को लोकतंत्र के नाम पर सही नहीं ठहराया जा सकता।
'भारत को अराजकता से बचाएं': 402 भारतीयों का संयुक्त बयान, सांविधानिक संस्थाओं को लेकर क्या चिंता जताई?

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