पंजाब के पायल कस्बे में दशहरे पर रावण को जलाने के बजाय उसकी विशेष पूजा और राजतिलक किया जाता है. दुबे परिवार द्वारा करीब 185 सालों से निभाई जा रही इस अनोखी परंपरा में रावण को महान विद्वान मानकर सम्मान दिया जाता है.
यहां रावण की होती है पूजा, चढ़ती है शराब, बकरे के कान के खून से लगाते हैं तिलक, 9 पीढ़ी से निभाई जा रही ये रस्म

