दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की ‘ वोट बचाओ-देश बचाओ' महारैली को लेकर कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं. रैली में लोगों की भागीदारी को लेकर हरियाणा और उत्तर प्रदेश के नेताओं ने बड़े दावे किए हैं. कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने बताया कि हरियाणा को एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन राज्य इससे भी अधिक लोगों को दिल्ली लाएगा. वहीं, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जिलों से लोग रैली में शामिल होंगे और 50 हजार लोगों की भागीदारी का लक्ष्य पूरा किया जाएगा. कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की अध्यक्षता में दोनों राज्यों के नेताओं के साथ हुई बैठकों में रैली की तैयारियों और जनभागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई.
हरियाणा को एक लाख लोगों का लक्ष्य, सतपाल ब्रह्मचारी बोले- इससे ज्यादा आएंगे
इंडिया गठबंधन की प्रस्तावित रैली को लेकर कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि बैठक में हरियाणा को एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य दिया गया है. उन्होंने दावा किया कि हरियाणा इस लक्ष्य को पूरा करेगा और निर्धारित संख्या से भी अधिक लोगों को दिल्ली लेकर आएगा. सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि रैली के लिए तैयारियां पूरी हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि एक नवंबर को रामलीला मैदान में हरियाणा की बड़ी भागीदारी दिखाई देगी. उनके मुताबिक, रैली में हरियाणा की मौजूदगी प्रमुख रूप से नजर आएगी.
यूपी के 75 जिलों से आएंगे लोग, अजय राय ने किया 50 हजार का लक्ष्य पूरा करने का दावा
अजय राय ने भी रैली में प्रदेश की भागीदारी को लेकर भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि रैली में सबसे बड़ी भागीदारी उत्तर प्रदेश की हो सकती है. प्रदेश के सभी 75 जिलों से लोग पूरी ताकत के साथ दिल्ली पहुंचेंगे. अजय राय ने बताया कि उत्तर प्रदेश को 50 हजार लोगों को जुटाने का लक्ष्य दिया गया है. उन्होंने कहा कि पार्टी इस लक्ष्य को पूरा करेगी. कांग्रेस प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लोगों को रैली में शामिल कराने की तैयारी कर रही है.
केसी वेणुगोपाल और प्रियंका गांधी ने यूपी के नेताओं के साथ की बैठक
रैली की तैयारियों को लेकर कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ उत्तर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की. बैठक में उत्तर प्रदेश के एआईसीसी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘ मोना' और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए. इसमें एक नवंबर की रैली के लिए लोगों को जुटाने और संगठन की तैयारियों पर चर्चा की गई.
इसके बाद हरियाणा कांग्रेस के नेताओं के साथ भी बैठक हुई. इसमें हरियाणा के एआईसीसी प्रभारी संजय दत्त, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया. हरियाणा से अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति पर विचार किया गया. हरियाणा के कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने बैठक के बाद कहा कि भारत की जनता अपने मताधिकार की चोरी नहीं होने देगी. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा और हरियाणा से रामलीला मैदान में ऐतिहासिक जनभागीदारी होगी.
एक नवंबर को दिल्ली पहुंचेगा ‘ दिल्ली चलो मार्च'
कांग्रेस की योजना एक नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली महारैली से पहले बड़े स्तर पर जनभागीदारी जुटाने की है. केसी वेणुगोपाल ने बैठकों के दौरान कहा कि पार्टी को केवल रैली तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि मार्च भी निकालना है. उनके अनुसार, ‘ दिल्ली चलो मार्च' एक नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचेगा और इसके बाद रामलीला मैदान में महारैली होगी.
केसी वेणुगोपाल ने दावा किया कि इस अभियान में देशभर से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे. उन्होंने कम से कम 10 लाख नागरिकों के मार्च में हिस्सा लेने की उम्मीद जताई. हालांकि, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के नेताओं ने अपने-अपने राज्यों के लिए क्रमश: एक लाख और 50 हजार लोगों का लक्ष्य बताया है.
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर पर रोक की मांग उठाएगी कांग्रेस
कांग्रेस की इस महारैली के प्रमुख मुद्दों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और विशेष गहन पुनरीक्षण ( एसआईआर ) प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग शामिल है. पार्टी का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियां हो रही हैं और मताधिकार की सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल उठ रहे हैं. केसी वेणुगोपाल ने ज्ञानेश कुमार और अन्य संबंधित लोगों पर वोट चोरी में शामिल होने का आरोप लगाया और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया. ये कांग्रेस के आरोप हैं. पार्टी का कहना है कि रैली के जरिए लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा का संदेश देशभर में पहुंचाया जाएगा.
कांग्रेस इस आयोजन को इंडिया गठबंधन की एकजुटता दिखाने के अवसर के रूप में भी देख रही है. रैली में गठबंधन के प्रमुख नेताओं के शामिल होने की संभावना है. अब सभी की नजरें एक नवंबर को दिल्ली पहुंचने वाली भीड़ और कांग्रेस के राज्यों के लिए तय लक्ष्यों पर रहेंगी.
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