हरियाणा के रोहतक के 106 वर्षीय दुलीचंद का निधन हो गया. वही दुलीचंद जिन्होंने पेंशन बंद होने पर 102 साल की उम्र में दूल्हा बनकर 'थारा फूफा जिंदा है' आंदोलन चलाया था. उनके संघर्ष के बाद न सिर्फ उनकी बल्कि कई अन्य लोगों की पेंशन भी बहाल हुई थी.
'थारा फूफा जिंदा है' वाले 106 वर्षीय दूलीचंद का निधन, 102 साल की उम्र में दूल्हा बनकर हिलाया था सरकारी सिस्टम

