बीमारी का पता लगाने के लिए खून-पेशाब की जांच कराते हैं तो उसकी रिपोर्ट काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि जांच में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और सामग्री कितनी भरोसेमंद हैं। ऐसी जांच किट और मशीनें बनाने वाली कंपनियों के लिए अब लाइसेंस लेने और गुणवत्ता से जुड़े नियमों को सख्त किया जा रहा है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने इन-विट्रो डायग्नोस्टिक यानी शरीर से बाहर लिए गए नमूनों की जांच करने वाले उपकरण बनाने वाली कंपनियों के लिए गाइडलाइन जारी किया है। इसमें बताया गया है कि कंपनियों को लाइसेंस के लिए कौन से दस्तावेज देने होंगे और उपकरण के जोखिम के आधार पर निर्माण स्थल की जांच कैसे होगी।
सीडीएससीओ ने जारी की गाइडलाइन: खून-पेशाब की जांच करने वाली किटों के नियम होंगे सख्त, कंपनियों पर कसेगा शिकंजा

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