हम सभी सैर सपाटे और ब्रेक के नाम पर छुट्टियों में अपनी नानी के घर जाया करते थे. उसी दौर में नानी भी हमारे साथ जाने क्या क्या एक्सपेरिमेंट करती थीं. और मां, वो तो दूर खड़ी हमारे हालात पर हंसती थी बस. कुछ ऐसा ही याद हो आया अभी...
पहले खाली पेट नीम के पत्ते खिलाते थे, फिर घी पिलाते थे, हम 90s के बच्चों के साथ क्या-क्या नहीं हुआ

