सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका को मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट में लिस्ट नहीं किया गया है. उनकी कानूनी टीम कल इस मामले पर सुनवाई की मांग करेगी. सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने एसईएम कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत को दो और दिनों के लिए बढ़ा दिया गया था.
अब हाईकोर्ट बुधवार यानी 21 अक्टूबर को उनकी याचिका पर सुनवाई कर सकता है. इससे पहले सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने कहा है कि हमने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. रात में ही तत्काल सुनवाई की मांग की गई है.
We have moved the Delhi High Court and requested an urgent night hearing. Saurav and Ashutosh should not spend a single minute behind bars. Their liberty must not be curtailed because of political games. Justice must not wait. @Cockroachisback - Ratna Singh (@whattalawyer) October 20, 2026
उन्होंने कहा कि सौरव और आशुतोष को एक मिनट भी जेल में नहीं रहना चाहिए. राजनीतिक खेल तमाशों की वजह से उनकी आजादी नहीं छीनी जानी चाहिए. न्याय में देरी नहीं होना चाहिए.
दो दिन और बढ़ा दिया है, न्यायिक हिरासत को
दरअसल, सोमवार को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में तैनात एक नए विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने के बाद दोनों की न्यायिक हिरासत को दो दिन और बढ़ा दिया गया. दास और रांका को 13 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया था. उन्होंने प्रतिबंधित जंतर-मंतर में घुसने के लिए एक गेट फांदकर अंदर गए थे. वहीं, गृह मंत्रालय के आदेश के बाद से जंतर मंतर को अब विरोध प्रदर्शन की तय जगह नहीं माना जाता है.
CJP अपनी याचिका में मजिस्ट्रेट के आदेश को दी चुनौती
शुरुआत में उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. सीजेपी नेताओं ने अपनी याचिका में मजिस्ट्रेट के इस आदेश को चुनौती दी है. उनका तर्क है कि यह आदेश तय कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन करता है. संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिली उनकी व्यक्तिगत आजादी के मौलिक अधिकार के खिलाफ है.

