मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलने वाले भारत के पहले बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर काम तेजी से किया जा रहा है. इस संबंध में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विस्तार से जानकारी साझा की है. उन्होंने कहा कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन अब सिर्फ एक घोषणा नहीं रह गई है. 508 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर तेज गति से निर्माण कार्य चल रहा है और पहली सेवा 2027 की आखिरी तिमाही में शुरू होने वाली है.
अश्विनी वैष्णव ने प्रोजेक्ट को लेकर दी जानकारी
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार (24 अक्टूबर, 2026) को मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य की प्रगति की पूरी जानकारी अपने ब्लॉग पर साझा किया. उन्होंने कहा, ‘ बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट इस वक्त मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) के करीब 100 फीट नीचे एक रेलवे स्टेशन के रूप में आकार ले रहा है. यह एक 10 मंजिला इमारत की ऊंचाई से भी ज्यादा गहराई में बनाया जा रहा है.'
India's first bullet train is taking shape by Ashwini Vaishnaw Read on Substack
उन्होंने कहा, ‘ कुछ किलोमीटर दूर 3, 200 टन वजन वाला एक मशीन ठाणे क्रीक के नीचे चट्टानों को काटते हुए भारत की पहली समुद्र के नीचे बनने वाली रेल सुरंग का निर्माण कर रही है. इसके अलावा, गुजरात में 371 किलोमीटर लंबा तैयार वायाडक्ट आसमान में खड़ा हो चुका है. इस पर ट्रैक बेड बिछाया जा चुका है और इलेक्ट्रिफिकेशन मास्ट लगाए जा रहे हैं.'
बुलेट ट्रेन निर्माण का कितना काम हो चुका पूरा? अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘ इस साल सितंबर महीने तक 456 किलोमीटर पियर का काम और 371 किमी वायाडक्ट का निर्माण पूरा हो चुका है. 299 किलोमीटर लंबे हिस्से में 6 लाख नॉइज बैरियर्स (Noise Barriers) लगाए जा चुके हैं. 206 किमी वायाडक्ट पर 9, 300 OHE मास्ट इंस्टॉल किए जा चुके हैं. 4 पर्वतीय सुरंगों की खुदाई पूरी हो चुकी है. महाराष्ट्र की 21 किलोमीटर लंबी सुरंग में से 5 किमी की खुदाई माउंटेन टनलिंग तकनीक से पूरी हो चुकी है. 8 स्टेशनों पर सिविल वर्क भी पूरा हो चुका है और वहां आर्किटेक्चरल फिनिशिंग का काम चल रहा है. साबरमती, सूरत और ठाणे स्थित तीनों रोलिंग स्टॉक डिपो में काम जारी है.' पूर्व जापानी मंत्री के आरोपों पर क्या बोले अश्विनी वैष्णव? वहीं, बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के निर्माण में देरी को लेकर पूर्व जापानी मंत्री की तरफ से लगाए गए आरोपों पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में कहा, ‘ ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. इस प्रोजेक्ट में हम बहुत मेहनत से जुटे हुए हैं. हालांकि, कुछ कारण ऐसे थे, जिसके कारण थोड़े समय की बर्बादी हुई थी, लेकिन मैं भरोसा दिलाता हूं कि इस प्रोजेक्ट का लोकार्पण अगले साल ही होगा. इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि कुछ वक्त पहले जापान के मंत्री के आए थे, उन्होंने निर्माण कार्य और स्पीड देखी और इस पर उन्होंने संतुष्टी जताई. अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘ जापानी मंत्री का कहना था कि हमने दुनिया में कहीं भी काम की इतनी तेज गति नहीं देखी.' यह भी पढ़ेंः पंजाब रेलवे लाइन ब्लास्ट केस: NIA ने छह आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

