सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने शुक्रवार (30 अक्टूबर) को पांच न्यायिक अधिकारियों को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जज के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की है. कॉलेजियम की तरफ से जिन 5 न्यायिक अधिकारियों को प्रमोशन देकर हाई कोर्ट के जज बनाए जाने की सिफारिश की गई है, उनमें रेणुका कंचन, कृष्णमूर्ति मिश्रा, वीरेंद्र सिंह राजपूत, ममता जैन और आशिता श्रीवास्तव का नाम शामिल है.
इससे पहले सोमवार (26 अक्टूबर, 2026) को भी सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने 7 अधिवक्ताओं को हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की थी. अब कॉलेजियम की इन सिफारिशों को आगे की प्रक्रिया के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा.
राष्ट्रपति के साइन के बाद नियुक्तियां होंगी प्रभावी
केंद्र सरकार की तरफ से सिफारिशों को मंजूरी दिए जाने और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरफ से नियुक्ति संबंधी जरूरी वारंट जारी किए जाने के बाद ये नियुक्तियां प्रभावी होंगी.
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की कुल स्वीकृत संख्या 53 है. सितंबर 2026 तक मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में 53 की स्वीकृत संख्या के मुकाबले वर्तमान में 38 जज कार्यरत थे. इस तरह 15 पद रिक्त थे.
मध्य प्रदेश के साथ छत्तीसगढ़HCमें जजों की नियुक्ति की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के साथ-साथ छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के लिए भी 4 अधिवक्ताओं और 2 न्यायिक अधिकारियों को नए जजों के रूप में नियुक्त करने की प्रस्ताव दिया है. कॉलेजियम ने जिन चार अधिवक्ताओं को जज के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की है, उनमें आनंद शुक्ला, रत्ना निधी पुष्टी उर्फ आर. एन. पुष्टि उर्फ रतन पुष्टि, शशांक ठाकुर और सौरव शर्मा का नाम शामिल है. वहीं, जिन दो न्यायिक अधिकारियों को जज के रूप में नियुक्त किए जाने की सिफारिश की गई है, उनमें रजनीश श्रीवास्तव और बलराम प्रसाद वर्मा का नाम शामिल है. यह भी पढ़ेंः ‘ हर व्यक्ति को जीवन में एक बार जेल जरूर जाना चाहिए', सोनम वांगचुक ने क्यों कही ये बात?

