प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए विवादित बयान से शुरू हुए विवाद के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक बार फिर से पीएम मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने मोदी सरकार पर महंगाई के मुद्दे को लेकर लोगों के जीवन जीने के अधिकार को भी खत्म करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि त्योहारों के बीच कमरतोड़ महंगाई, कमाई की एक-एक पाई निगल रही है.
उन्होंने कहा कि वोट के अधिकार को छीनने पर उतारू मोदी सरकार अब लोगों के जीवन जीने के अधिकार को भी खत्म करना चाहती है. इस संबंध में उन्होंने बुधवार (28 अक्टूबर, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा किया. अपने पोस्ट में खरगे ने मोदी सरकार पर महंगाई को लेकर निशाना साधा है.
बीजेपी पर मल्लिकार्जुन खरगे का तीखी हमला
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘ आंकड़े सच्चाई बताते हैं कि खाद्य महंगाई - 2. 13% से 7. 74% पहुंची. घरेलू कर्ज तिगुनी रफ्तार से 36. 7% बढ़ गया. घरेलू वित्तीय बचत 4 प्रतिशत घट गया है. खुदरा महंगाई में 5. 54% की बढ़ोत्तरी हुई और थोक महंगाई में 11. 39% का इजाफा हुआ है.'
वोट के अधिकार को छीनने पर उतारू मोदी सरकार अब जीवन जीने के अधिकार को भी खत्म करना चाहती है। त्योहारों के बीच कमरतोड़ महँगाई, कमाई की एक-एक पाई निगल रही है। आँकड़े सच्चाई बताते हैं - ♨️ खाद्य महँगाई: 2. 13% से 7. 74% पहुँची ♨️ घरेलू कर्ज़: 36. 7% बढ़ा, तिगुनी रफ़्तार ♨️ घरेलू वित्तीय बचत: 4% घटी ♨️ खुदरा महँगाई: 5. 54% ♨️ थोक महँगाई: 11. 39% सत्ता में रहकर आज धरने पर बैठी भाजपा और मोदी जी को बेतुकी भाषणबाज़ी से कभी समय मिले तो 2014 से पहले “ बहुत हुई महँगाई की मार” वाला भाजपा विज्ञापन भी दोबारा देख लें ! “ अच्छे दिन” की उम्मीद में जनता ने 12 साल गँवा दिए हैं। - Mallikarjun Kharge (@kharge) October 28, 2026
उन्होंने कहा, ‘ सत्ता में रहकर आज धरने पर बैठी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मोदी जी को बेतुकी भाषणबाजी से कभी समय मिले तो साल 2014 से पहले ‘ बहुत हुई महंगाई की मार' वाला BJP का विज्ञापन भी दोबारा देख लें!' उन्होंने आगे कहा, ‘ अच्छे दिन की उम्मीद में जनता ने 12 साल गंवा दिए हैं.'
खाद्य उत्पादों के दामों की तुलना कर महंगाई के आंकड़े किए पेश
मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने X पोस्ट में एक तस्वीर भी साझा की है, जिसमें उन्होंने कई जरूरी खाद्य उत्पादों के मई 2014 और 27 अक्टूबर, 2026 के दौरान दामों के बीच तुलना कर महंगाई के आंकड़े बताए हैं. उन्होंने तस्वीर में लिखा कि महंगाई की मार... तीन गुना तेजी से बढ़ा कर्ज, परिवारों की बचत 4 प्रतिशत घटी.
उन्होंने बताया कि मई 2014 में सरसों के तेल के रिटेल दाम 102 रुपये प्रति लीटर था, जो 27 अक्टूबर 2026 को 207. 80 रुपये प्रति लीटर हो गया, यानी इसके दाम में कुल 103. 73 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है. इसी तरह, मूंगफली का तेल मई 2014 में 165 रुपये प्रति लीटर था, जो 27 अक्टूबर 2026 तक 211. 74 रुपये प्रति लीटर हो गया. यानी इसके दाम में 28. 33 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
वहीं, प्याज 23 रुपये किलो से 131. 83 प्रतिशत बढ़कर 53. 32 रुपये किलो हो गया, टमाटर 17. 50 रुपये किलो से 126. 40 प्रतिशत बढ़कर 39. 62 रुपये किलो हो गया. दुध 36 रुपये प्रति लीटर से 70. 81 प्रतिशत अब 61. 49 रुपये प्रति लीटर हो गया है और आटे का दाम 21 रुपये प्रति किलो से 80. 14 प्रतिशत बढ़कर 37. 83 रुपये प्रति किलो हो गया है.
इसके अलावा भी उन्होंने अपने पोस्ट में तुअर दाल, उड़द दाल, चना दाल, चावल और चीनी के दामों की भी तुलना करते हुए 2014 और 2026 के बीच बढ़ी महंगाई के आंकड़े पेश किए हैं.
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