प्रशांत महासागर में बने अल नीनो के प्रभाव से इस बार सर्दियों में कड़ाके की ठंड के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। भले ही समय से पहले गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है, लेकिन उत्तर और मध्य भारत में दिसंबर से फरवरी के दौरान तापमान सामान्य से एक से दो डिग्री अधिक रह सकता है। कड़ाके की ठंड के दिन कम हो सकते हैं, जबकि रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। मौसम के मिजाज में इस बदलाव का रबी की फसलों पर भी सीधा असर देखने को मिल सकता है।
इस बार कम ठिठुराएगी सर्दी: फरवरी से ही दिखने लगेंगे गर्मी के तीखे तेवर; गेहूं-सरसों की फसल पर भी असर की आशंका

