ओलिंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट शूटर अभिनव बिंद्रा ने एथलीट्स के खुलकर न बोल पाने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा- ‘समय के साथ खिलाड़ी अपने मन में भी सवाल करना बंद कर देते हैं।’बिंद्रा ने एथलीट्स को सवाल पूछते रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी अपने काम, कोच, तरीकों और सिस्टम पर सवाल उठाएं।बिंद्रा ने कहा कि खिलाड़ियों का खुलकर बोलना जरूरी है। कुछ लोग इसे अनुशासनहीनता मान सकते हैं, लेकिन यह बेहतर प्रदर्शन के लिए जरूरी हो सकता है। बिंद्रा ने शुक्रवार को सोशल प्लेटफॉर्म X पोस्ट में अपनी बात रखी।4 पॉइंट्स में अभिनव बिंद्रा की बातअनुशासनहीनता और सीखने का फर्क 44 साल के बिंद्रा को भारत से निकले महान खिलाड़ियों में गिना जाता है। वे ओलंपिक चैंपियन होने के साथ-साथ विश्व चैंपियनशिप के पूर्व गोल्ड मेडलिस्ट भी हैं।सक्रिय खेलों से विदा लेने के बाद बिंद्रा इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी की एथलीट्स कमीशन के वाइस-चेयर बने। उन्होंने इस पद पर आठ साल काम किया। उनका कार्यकाल इस साल की शुरुआत में खत्म हुआ।------------------------------------------------------स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए…पीएम मोदी दिल्ली में एशियन गेम्स मेडलिस्ट से मिले, कहा- महिला हॉकी में 44 साल का इंतजार खत्म हुआप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में एशियन गेम्स 2026 के मेडलिस्ट खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी ने गोल्ड मेडल जीतकर 44 साल का इंतजार खत्म किया है। खिलाड़ियों की सफलता देश की सफलता है। पढ़ें पूरी खबर
बिंद्रा ने एथलीट्स के खुलकर न बोलपाने पर चिंता जताई: कहा- सवाल पूछिए, यह अनुशासनहीनता नहीं, सीखने की प्रोसेस
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