मोदी सरकार ने 2 साल की सेवा पूरी करने वाले सभी अग्निवीरों को भारतीय सेना में स्थायी सेना के रूप में शामिल करने के फैसले पर अमित शाह ने आभार जताया है.
गृह मंत्री ने एक्स पर किए पोस्ट में कहा, 'तीन लाख से अधिक अग्निवीर फिलहाल भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. मोदी जी के नेतृत्व में आज केंद्रीय कैबिनेट ने अग्निपथ योजना के अंतर्गत अग्निवीरों के लिए 2 वर्ष की 'सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी' को मंजूरी दी है, यानी अब हर इच्छुक अग्निवीर 2 वर्ष और सेना में सेवा दे सकेंगे.'
मोदी जी के नेतृत्व में आज केंद्रीय कैबिनेट ने अग्निपथ योजना के अंतर्गत अग्निवीरों के लिए 2 वर्ष की 'सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी' को मंजूरी दी है, यानी अब हर इच्छुक अग्निवीर 2 वर्ष और सेना में सेवा दे सकेंगे। इस अवधि को पूरी करने के बाद चयन मानदंडों को पूरा करने वाले सभी इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में राष्ट्रसेवा का अवसर मिलेगा। भारतीय सेना को और अधिक युवा, आधुनिक सैन्य कौशल से युक्त और युद्ध के बदलते स्वरूप के लिए तैयार बनाने वाले इस निर्णय के लिए मोदी जी का आभार। - Amit Shah (@AmitShah) November 4, 2026
उन्होंने कहा, 'इस अवधि को पूरी करने के बाद चयन मानदंडों को पूरा करने वाले सभी इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में राष्ट्रसेवा का अवसर मिलेगा. भारतीय सेना को और अधिक युवा, आधुनिक सैन्य कौशल से युक्त और युद्ध के बदलते स्वरूप के लिए तैयार बनाने वाले इस निर्णय के लिए मोदी जी का आभार.'
सरकार ने योजना में क्या बदलाव किए?
केंद्र सरकार ने बुधवार को अग्निवीर योजना में बदलाव किया है. सरकार ने अब 2 साल की सेवा पूरी करने वाले सभी अग्निवीरों को भारतीय सेना में स्थायी सेना के रूप में शामिल करने का फैसला लिया है. सरकार ने बुधवार को घोषणा की है कि चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर सेना से सेवामुक्त होने वाले ‘ अग्निवीरों' को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा.
इसके आगे बताया गया है कि तय शर्तों और नियमों को पूरा करने और अपनी सहमति देने वाले अग्निवीरों को स्थायी भर्ती का मौका दिया जाएगा. इससे पहले सीडीएस एन. एस. राजा सुब्रमणि ने कहा था कि मौजूदा प्रावधानों के मुताबिक, 25 फीसदी अग्निवीरों को योग्यता के आधार पर नियमित बलों में शामिल किया जाता है. शेष 75 प्रतिशत अनुशासित और प्रेरित युवा सेवामुक्त हो जाते हैं. नए बदलावों के तहत इन 75 फीसदी अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि की पेशकश की जाएगी.

