1977 की फिल्म 'घरौंदा' का गाना 'एक अकेला इस शहर में; आज भी लाखों लोगों के संघर्ष, तन्हाई और अपने घर के सपने को बयां करता है. गुलजार के बोल, जयदेव का म्यूजिक और भूपिंदर सिंह की आवाज ने इस गीत को सदाबहार बनाया.
49 साल पुराना गाना जो रोजी-रोजी के लिए शहर-दर-शहर भटकते लोगों की तन्हाई और स्ट्रगल की बना पहचान, गुलजार के बोल, भूपिंदर की आवाज में सदाबहार

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